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12 प्रकार के भूखण्डों का आकार व फल

pic-25 भवन निर्माण से पूर्व हमें भूमि का परिक्षण करना चाहिए और भूखण्ड की आकृति पर विशेष ध्यान देना चाहिए। अपने आकार के अनुसार एक भूखण्ड शुभ-अशुभ फल दे सकता है। नीचे अलग-अलग भूमि के आकार एवं उनके फल दिए जा रहे है–

1.सूपाकार भूखण्ड

जो भूखण्ड सूप के आकार का हो उसे सूपाकार भूखण्ड कहते हैं। सूपाकार भूखण्ड अशुभ एवं त्यागने योग्य है। इस पर भवन निर्माण करने से सुख-सम्पत्ति नष्ट होती है। धन का सदा अभाव रहता है।

2.तबलाकार भूखण्ड

जो भूखण्ड तबले के आकार का होता है उसे तबलाकार भूखण्ड कहते हैं। यह भूखण्ड अशुभ एवं त्यागने योग्य है। इस पर भवन निर्माण करने से समृद्धि कभी नहीं आती है। तबले की तरह खाली ही रहना पड़ता है। जीवन में आर्थिक लाभ कम होता है।

3.मृदंगाकार भूखण्ड

जो भूखण्ड मृदंग की आकृति की तरह होता है उसे मृदंगाकार भूखण्ड कहते हैं। यह भूखण्ड अशुभ होता है और स्त्रियों के लिए मृत्युकारक होता है। यह भूखण्ड त्यागने योग्य है। इस पर भवन निर्माण करने से आर्थिक तंगी के कारण निर्धनता बनी रहती है।

4.त्रिकोणात्मक भूखण्ड

जो भूमि त्रिकोण के आकार की होती है उसे त्रिकोणात्मक कहते है। यह भूमि गृहस्वामी के लिए अशुभ मानी जाती है। यहां वास करने वालों को कानूनी उलझनों में फसते हुए देखा गया है। जहां व्यक्ति काम करता है उसे उसके कार्य का पूरा परिश्रम नहीं मिलता हैं।

5.चिमटाकार भूखण्ड

जो भूखण्ड चिमटे के आकार का होता है उसे चिमटाकार भूखण्ड कहते हैं। यह भूखण्ड अशुभ एवं त्यागने योग्य है। इस भूखण्ड पर भवन-निर्माण करने से घर में कलह रहती है। आर्थिक स्थिति कमजोर होती है।

6.अण्डाकार भूखण्ड

जो भूखण्ड अण्डे के आकार का हो उसे अण्डाकार भूखण्ड कहते हैं। यह भूखण्ड अशुभ एवं त्यागने योग्य है। इस भूखण्ड पर भवन-निर्माण करने से सदैव हानि होती है। व्यक्ति परिश्रम ही करता रहता है और प्राप्ति कुछ भी नहीं होती।

7.शट्कोण अथवा अष्टकोण भूखण्ड

जिस भूखण्ड के छह या उससे ज्यादा भुजाएँ हो या जो दिखने में एक चक्र के समान लगता हो, उस
भूमि पर वास करने से दरिद्रता आती है। यह भूखण्ड अशुभ एवं त्यागने योग्य है। पैसा आते हुए भी धन की कमी सदैव रहती है।

8.आयताकार भूखण्ड

जिस भूमि की दोनों भुजाएं और चारो कोण समान हो उसे आयताकार भूखण्ड कहते है। यह हर प्रकार से धनदायक एवं पुष्टि दायक होता है। व्यक्ति धन के विषय में भाग्यशाली होता है। उसे आजीवन धन का अभाव नहीं रहता।

9.वर्गाकार भूखण्ड

जिस भूखण्ड की चारों भुजाएँ और चारों कोण समान हो उसे वर्गाकार भूखण्ड कहते है। यह भूखण्ड विशेष फलदायी होता है। थोड़े परिश्रम से ही धन लाभ अधिक होता है और सफलता उसके कदमों में होती है।

10.विषमबाहु भूखण्ड

जिसकी सभी भुजाएं अलग-अलग नाप की हो तो उसे विषमबाहु भूखण्ड कहते हैं। यह भूखण्ड अशुभ एवं त्यागने योग्य है। इस पर भवन-निर्माण करने से अशांति, दु:ख एवं आर्थिक तंगी बनी रहती है।

11.वृत्ताकर भूखण्ड

गोल आकार वाली भूमि को वृत्ताकार कहते है। यह भूखण्ड वास करने के लिए शुभ माना गया है। यह धनदायक होता है। जीवन भर सुख-समृद्धि बना रहता है। अपने पुरुषार्थ व मेहनत से कोषाधिपति होता है।

12.अर्द्ध वृत्ताकार भूखण्ड

जो भूखण्ड आधे वृत्त के समान होता है उसे अर्द्धवृत्ताकार भूखण्ड कहते हैं। यह भूखण्ड अशुभ एवं त्यागने योग्य होता है। इस भूखण्ड पर भवन-निर्माण करने पर भवन-निर्माता कभी संतुष्ट नहीं होता है, अपनी आधी-अधूरी जिन्दगी से चिन्तित रहता है। धन का सदा अभाव रहता है।

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