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गर्मियों में छाछ के फायदे

pic-06 गर्मी के दिनों में तेज धूप से बचना मुश्किल नहीं होता है। घर से या ऑफिस से निकलते हुए गर्म हवा और तेज़ धूप का सामना होना निश्चित है। ऐसे शरीर से ऊर्जा निकल जाती है। शरीर कमजोर पड़ जाता है, और अचानक तबीयत  बिगड़ जाती है। ऐसे में शारीरिक कमजोरी आने से चक्कर आना, उल्टी होना या फिर नाक से खून बहने जैसी समस्याएं आ जाती हैं। बच्चे अक्सर दौड़ते समय बेहोश हो जाते हैं। इनसे बचाव के लिए कुछ पेय हमारी भरपूर मदद करते हैं और हमें तरोताजा रखते हैं। उन्हीं में से एक है दही से बनी ठंडी छाछ। लस्सी, मट्ठा और छाछ गर्मी के मौसम का अमृत समान शीतल पेय माना गया है। इसका प्रयोग कई तरह से अलग-अलग तरह की शारीरिक परेशानियों में किया जा सकता है। साथ ही यह सौंदर्य बढ़ाने में भी मदद करता है। वे इस प्रकार हैं –

राहतः गर्मी में रोजाना दो बार पतले छाछ में भूना हुआ जीरा मिलाकर पीने से काफी राहत मिलती है।

उल्टीः गर्मी की वजह से बार-बार उल्टी आने पर इसे ठीक करने का घरेलू उपाय छाछ है। इसमें जायफल घीसकर पीने से उल्टी बंद हो जाती है।

हिचकीः बार-बार हिचकी आने की स्थिति में छाछ में एक चम्मच सोंठ मिलाकर पीने से हिचकी बंद हो जाती है।

रक्तचापः छाछ के साथ गिलोय के चूर्ण को मिलाकर पीने से आराम मिलता है।

याद्दास्त: सुबह-शाम छाछ या दही को पतला कर पीने से स्मरण शक्ति बढ़ जाती है। यह विद्यार्थियों के लिए काफी फायदेमंद होता है।

तनावः अत्यधिक मानसिक तनाव में भी छाछ का सेवन लाभकारी होता है।

झुर्रियां: चेहरे की झुर्रियों को कम करने के लिए छाछ में आटा मिलाकर लेप करने से फायदा मिलता है।

मुंहासेः गुलाब की जड़ को छाछ में पीसकर चेहरे पर लगाने से चेहरे के मुहांसे ठीक हो जाते हैं।

फटी एडियां: पैरों की एडि़यों के फटने पर छाछ का ताजा मक्खन लगाने से आराम मिलता है।

मोटापाः छाछ का इस्तेमाल शरीर के वजन को कम करने के लिए भी किया जा सकता है। इसके लिए छाछ को छौंककर सेधा नमक डालकर पीना चाहिए। इससे चर्बी कम होती है और मोटापा कम होता है।

जलनाः जले हुए स्थान पर छाछ का इस्तेमाल तुरंत मल देने से फफोले नहीं बनते हैं और जलन की पीड़ा कम हो जाती है।

खुजलीः छाछ में अमलतास के पत्ते को पीसकर लगाने के कुछ देर बाद स्नान कर लेने से खुजली नष्ट हो जाती है।

विषैले जीवजंतुः जहरीले जीव-जंतु के काटने की स्थिति में छाछ में तंबाकू मिलाकर लगाने से इसका विष नहीं फैलता है। इसी तरह से अगर किसी ने ज़हर खा लिया हो तो उसे बार-बार फीका छाछ पिलाने से ज़हरीलापन खत्म हो जाता है, लेकिन ऐसा करने से पहले डाक्टर की सलाह जरूरी होती है।

{ लेखक: शंभु सुमन }

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