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हस्त रेखाओं में छुपा है धन प्राप्ति के योग

wealth in handज के युग में हर व्यक्ति को धन प्राप्ति की तीव्र इच्छा होती है। हम जन्म पत्रिका के अतिरिक्त हाथ में हस्तरेखाओं का अध्ययन कर धन प्राप्ति के विभिन्न योगों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

लक्ष्मी योग

यदि शनि वलय तथा बुध वलय हो और एक रेखा से इन दोनों रेखाओं का आपस में संबंध होता हो तो लक्ष्मी योग बनता है। जिसके हाथ में यह योग होता है वह व्यक्ति समाज में प्रशंसा प्राप्त करने वाला, आर्थिक दृष्टि से पूर्ण सम्पन्न होता है। ऐसे व्यक्ति में भाषण देने की अद्भुत कला होती है तथा वह शब्दों के माध्यम से लोगों को अपने पक्ष में करने की कला जानता है। गुणी, चतुर तथा ख्याति, यश प्राप्ति करने वाला होता है।

महालक्ष्मी योग

यदि हाथ में भाग्य रेखा अत्यंत सीधी, स्पष्ट पूरी लंबाई लिए हुए तथा मणिबंध से निकलने वाली हो और शनि पर्वत पर जाकर उसके बिन्दु को स्पर्श करती हो तथा सूर्य रेखा, चंद्र पर्वत से आरम्भ होकर सूर्य पर्वत के मध्य बिन्दु तक पहुंचती हो तो हाथ में महालक्ष्मी योग होता है। ऐसा व्यक्ति बहुत भाग्यशाली होता है वह अतुल धन संपत्ति का स्वामी होता है। ऐसे व्यक्ति को अपने जीवन में सभी प्रकार के सुख, भोग एवं ऐश्वर्य प्राप्त होते है। लक्ष्मी की कृपा सदा उस पर बनी रहती है।

राजलक्ष्मी योग

यदि हथेली में गुरु, शुक्र, बुध चन्द्रमा के पर्वत पूर्ण विकसित हों तथा लालिमा लिए हो, तो उस व्यक्ति के हाथ में राजलक्ष्मी योग होता है। इस योग के जातक (व्यक्ति) जीवन में अपने प्रयत्नों से बहुत उन्नति करते हैं,जीवन की सभी भौतिक इच्छाएं, वाहन, भवन, स्त्री सुख, संतान सुख सभी प्राप्त होते हैं। उनका व्यक्तित्व आकर्षक होता है।

नव लक्ष्मी योग

यदि हथेली में भाग्य रेखा, सूर्य रेखा तथा बुध रेखा, तीनों ही मणिबंध से निकलती हों तथा सीधी, सरल और स्पष्ट हो तो नव लक्ष्मी योग बनता है। जिस व्यक्ति के हाथों में यह योग होता है वह अतुल संपत्ति का मालिक होता है। ऐसे व्यक्ति जीवन के प्रारंभिक समय में अधिक परिश्रम करते हैं किन्तु बाद में विश्रामपूर्वक सुख, ऐश्वर्य का आनंद लेते हैं तथा प्रसिद्धि को प्राप्त करते हैं।

श्री महालक्ष्मी योग

जिसके हाथ में कहीं पर भी तराजू का चिन्ह दिखाई दे तो वहां श्री महालक्ष्मी योग होता है। ऐसा व्यक्ति लाखों में खेलने वाला व धर्मात्मा होता है। इनकी ख्याति या यश दूर-दूर तक फैला होता है। ऐसे व्यक्ति जीवन में भी सुखी संपन्न एवं संतुष्ट रहते हैं।

भाग्य योग

जिस व्यक्ति के हाथों में भाग्य रेखा पुष्ट होकर सूर्य पर्वत पर पहुंचती हो तो यह योग होता है। जिन व्यक्तियों के हाथ में यह योग होता है, वे प्रबल भाग्यशाली व्यक्ति माने जाते हैं, वे अपने जीवन में प्रारम्भ से अन्त तक धन दौलत से पूर्ण रहते हैं तथा सफल व्यक्ति कहलाते हैं।

भाग्योदय योग

जिस व्यक्ति के हाथ में भाग्यरेखा मणिकबंध से प्रारंभ होकर मध्यमा के दूसरे पोर तक पहुंच जाता हैं तो वह भाग्योदय योग होता है। जिसके हाथ में यह योग होता है उसका भाग्योदय जीवन के प्रारंभ से ही हो जाता है। और भाग्य के बल से ही वह जीवन में सभी दृष्टियों से सफलता प्राप्त करता हैं। वह अपना संपूर्ण जीवन सुख शांति से व्यतीत करता है।

महाभाग्य योग

यदि किसी व्यक्ति का जन्म दिन में हो तथा उसके हाथ में सूर्य रेखा पूर्ण लंबाई लिए हुए हो  तथा साथ ही सूर्य पर्वत अपने स्थान पर विकसित एवं पुष्ट हो। इसके अलावा चन्द्र एवं गुरु पर्वत सुदृढ़ हो तो उसके हाथ में महाभाग्य योग होता है। जिसके हाथ में यह योग होता है वह व्यक्ति उत्तम विचारों का धनी तथा समाज का नेतृत्व करने वाला होता है। उस व्यक्ति के संपर्क में जो भी व्यक्ति आता है वे अपने आप को भाग्यशाली समझता है। आर्थिक दृष्टि से जीवन पर्यन्त कोई कमी नहीं रहती है। मित्र पूरा सहयोग करते हैं, बुढ़ापा अधिक सुखमय व्यतीत होता है। यदि स्त्री के हाथ में यह योग हो तो उसका विवाह अत्यन्त उच्च घराने के व्यक्ति के साथ होता है तथा स्त्री आचरणशील होती है और समाज में सम्मान प्राप्त करती है।

राज राजेश्वर योग

यदि हथेली में सूर्य पर्वत विकसित हो और सूर्य रेखा हथेली के मध्य में आकर शुक्र पर्वत की ओर जाती हो तथा रेखा पर किसी प्रकार की बाधा न हो तो राज राजेश्वर योग होता है। यदि हथेली लंबी हो तथा उंगलियों के बीच में संधि न हो तो भी राज राजेश्वर योग होता है। यदि अनामिका और कनिष्ठिका उंगलियां कदावर हो तो भी यह योग होता है। जिस हाथ में यह योग होता है वह व्यक्ति पूर्ण सुखी व सफल जीवन व्यतीत करता है, वह धनवान तथा विविध ऐश्वर्य का भोग करने वाला होता है उसे किसी प्रकार की कमी नहीं रहती है।

राजयोग

यदि हथेली में सात ग्रहों में से कोई एक ग्रह का पर्वत बलवान पुष्ट तथा लालिमा युक्त हो व उससे संबंधित रेखा भी सीधी सरल व स्पष्ट हो तो राजयोग होता है। जिसके हाथ में यह योग होता है वह अपने परिश्रम से ऊँचा उठकर अपने जीवन को सुखमय बनाता है। यदि अन्य रेखाएं अच्छी हो तो उच्च अधिकारी बनता है।

धन प्राप्ति योग

जिनके हाथ में कहीं पर भी कश्च्छप यानी कछुएं जैसा चिन्ह हो तो अकस्मात धन प्राप्ति का योग बनता है, उसे जीवन में कई बार अचानक धन प्राप्ति होती रहती हैं। उसे लॉटरी से भी धन प्राप्त होता है तो कभी गढ़ा धन भी प्राप्त हो जाता है। ऐसे व्यक्ति जुए में भी जीतकर धन प्राप्त करते हैं।

दानवीर धनपति योग

किसी मनुष्य की हथेली में यदि कल्पवृक्ष का चिन्ह या आकृति पाई जाती है तो वे अत्यंत समृद्धशाली, वेभवशाली एवं अतिभाग्यशाली और सर्वसुविधा संपन्न होता है। उसके पास अनेक भवन, मोटरगाड़ियां, नौकर-चाकर आदि सब कुछ होता है। इन सबके अतिरिक्त वे अत्यंत उदार प्रवृत्ति का दानवीर व दानी होता है।

गजलक्ष्मी योग

यदि किसी मनुष्य की दोनों हथेलियों में पुष्ट और विकसित भाग्य रेखा मणिबंध से प्रारंभ होकर शनि पर्वत तक सीधी पहुंच रही हो तथा सूर्य पर्वत भी विकसित व पुष्ट हो एवं सूर्य रेखा लंबी पतली व रक्तिम लालिमा लिए हो,  उसके साथ ही जीवन रेखा, मस्तिष्क रेखा, स्वास्थ्य रेखा पुष्ट व लंबी हो व पूर्ण विकसित हो तो उसके हाथ में यह योग होता है, वह साधारण घर में जन्म लेने के बाद भी अत्यंत उत्तम और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त करता है। उसके जीवन में आर्थिक व भौतिक रूप से किसी प्रकार की कोई कमी नहीं रहती हैं।

करोड़पति योग

यदि किसी की हथेली में मस्तिष्क रेखा के साथ बुध पर्वत पर श्वेत बिन्दु हो और भाग्य रेखा पूर्ण विकसित हो अथवा पूर्णत: लुप्त हो तो ऐसे मनुष्य के करोड़पति बनने के योग निश्चित ही होते हैं। जीवन में उसे कभी भी किसी प्रकार से धन की कमी नहीं रहती है।

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