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वैदिक ज्योतिष

वैदिक ज्योतिष

लग्न कुंडली के अनुसार नौकरी या व्यवसाय

लग्न कुंडली के अनुसार नौकरी या व्यवसाय

ज्योतिष विद्या में 12 राशियों और 12 लग्नों की चर्चा है, इनमें भारतीय विधान से बनी कुंडली, राशि और लग्न की जानकारी देती है, अब अगर आपको अपने लग्न कुंडली की जानकारी है, तो आप तय कर तकते हैं कि कौन सी नौकरी या कौन सा व्यापार आपको फलदायी होगा। यहां प्रत्येक लग्न के अनुसार नौकरी और व्यवसाय की चर्चा ...

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सात वारों में जन्म-फल

सात वारों में जन्म-फल

सप्ताह में सात दिन होते हैं । ये सात वार हमारे जीवन का मार्गदर्शन करते हैं । सृष्टि के आरंभ में भगवान शिव ने सभी लोकों के उपकार के लिए सात वारों की कल्पना की और सर्वप्रथम अपने वार की कल्पना की, जो आरोग्य प्रदान करने वाला है । तत्पश्चात भगवान शिव ने आलस्य और पाप की निवृत्ति तथा समस्त ...

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वैदिक ज्योतिष : मीन लग्न में 20 धन योग

वैदिक ज्योतिष : मीन लग्न में 20 धन योग

1. मीन लग्न हो, बृहस्पति लग्न में हो तथा बुध एवं शनि अपनी स्वराशि में हो तो ऐसा व्यक्ति धनवानों में अग्रगण्य होता है तथा पद-पद पर लक्ष्मी उसके साथ चलती है। 2. मीन लग्न में लग्नस्थ बृहस्पति, बुध एवं मंगल से युत हो अथवा लग्न स्थित बुध बृहस्पति मंगल से दृष्ट हो तो जातक महाधनशाली होता है। 3. मीन लग्न ...

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वैदिक ज्योतिष : कुम्भ लग्न में 20 धन योग

वैदिक ज्योतिष : कुंभ लग्न में 20 धन योग

1. कुम्भ लग्न में बृहस्पति यदि मंगल के घर में हो एवं मंगल, बृहस्पति के घर में परस्पर परिवर्तन योग करके बैठा हो अर्थात बृहस्पति मेष या वृश्चक राशि में हो तथा मंगल धनु या मीन राशि में हो तो व्यक्ति महाभाग्यशाली होता है। ऐसा व्यक्ति खूब धन कमाता है। 2. कुम्भ लग्न हो,पंचम भाव में बुध हो, गुरु धनु ...

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वैदिक ज्योतिष : मकर लग्न में 20 धन योग

वैदिक ज्योतिष : मकर लग्न में 20 धन योग

1. मकर लग्न में लग्नेश यदि लग्न में, द्वितीय अथवा दशम भाव में (उच्च का) स्थित है तो ऐसा व्यक्ति धनवान होता है। आर्थिक स्थिति सदृढ़ होती है। 2. मकर लग्न में यदि लग्नेश और आयेश परस्पर स्थान परिवर्तन करें तो ऐसा व्यक्ति परम भाग्यशाली, धनवान होता है। ऐसा व्यक्ति बहुत धन कमाता है। लक्ष्मी की कृपा सदा मिलती है। ...

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वैदिक ज्योतिष : धनु लग्न में 20 धन योग

वैदिक ज्योतिष : धनु लग्न में 20 धन योग

1. धनु लग्न में बुध+सूर्य+गुरु राजयोग हैं। बृहस्पति यहां लग्नेश हैं यदि ये केंद्र या त्रिकोण में हो, धनदाता ग्रह शनि अपने ही घर तीसरे भाव में हो और बुध केंद्र में हो तो लक्ष्मीवान योग बनता है। 2. यदि नवमेश सूर्य द्वितीय भाव में और द्वितीयेश शनि भाग्य स्थान में जाये अर्थात नवमेश और द्वितीयेश का परस्पर स्थान परिवर्तन ...

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वैदिक ज्योतिष : वृश्चिक लग्न में 20 धन योग

वैदिक ज्योतिष : वृश्चिक लग्न में 20 धन योग

1. वृश्चिक लग्न में गुरु दूसरे भाव या पंचम भाव में अपनी ही राशि में हो अथवा भाग्य स्थान  में कर्क राशि (उच्च का) में हो तो ऐसे व्यक्ति को सदा धन प्राप्त होता रहता है। जीवन में धन का अभाव नहीं होता। 2. यदि यहां लग्नेश मंगल भाग्येश चंद्रमा के साथ आय भाव में हो और द्वितीयेश बृहस्पति पंचम ...

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वैदिक ज्योतिष : तुला लग्न में 20 धन योग

वैदिक ज्योतिष : तुला लग्न में 20 धन योग

 1. तुला लग्न में मंगल धनकारक ग्रह है। यदि यह मंगल अपनी ही राशियों (मेष, वृश्चिक) में हो अथवा मकर में उच्च का हो जायें तो व्यक्ति को धन का कभी अभाव नहीं रहता है। 2॰ तुला लग्न में सूर्य की सिंह राशि 11वें भाव (आय स्थान) में है। यदि मंगल आय स्थान में और आयेश सूर्य, मंगल के घर ...

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वैदिक ज्योतिष : कन्या लग्न में 20 धन योग

वैदिक ज्योतिष : कन्या लग्न में 20 धन योग

1. कन्या लग्न में यदि शुक्र जो कि राजयोग कारक है, अपनी ही राशियों यानी वृष, तुला या अपनी उच्च की राशि, मीन में हो तो ऐसे व्यक्ति को धन की कभी कमी नहीं होती। 2. यदि बुध और पंचमेश शनि लग्न में युति बनाये या लग्नेश बुध को शुक्र व शनि देखें तो व्यक्ति जनता से धन प्राप्ति में ...

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वैदिक ज्योतिष : सिंह लग्न में 20 धन योग

वैदिक ज्योतिष : सिंह लग्न में 20 धन योग

1. सिंह लग्न में यदि द्वितीयेश बुध अपनी ही राशि कन्या या मिथुन में हो तो व्यक्ति जीवन भर धन प्राप्त करता रहता है। उस पर विष्णुप्रिया लक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहती है। 2. सूर्य यदि लग्न में आ जाये और पचमेष गुरु व भागयेश मंगल की दृष्टि मिल जाये तो ऐसा व्यक्ति जनता से खूब धन प्राप्त करता है, ...

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