इंडियन

आध्यात्मिक उन्नति का आधार है- गऊ सेवा

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 वेदों में गाय का महत्व अतुलनीय व श्रेष्ठतम है। गाय रुद्रों की माता, वसओं की पुत्री, अदिति पुत्रों की बहन तथा अमृत का खजाना है। अथर्ववेद के 21वें सूक्त को गौ सूक्त कहा जाता है। इस सूक्त के ऋषि ब्रह्मा तथा देवता गऊ है। गायें हमारी भौतिक व आध्यात्मिक उन्नति के प्रधान साधन है। मनुष्य को धन–बल–अन्न व यश पाने ...

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पुनर्विवाह कोई दोष नहीं

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 पुनर्विवाह हमेशा से एक जरूरी लेकिन विवादास्पद मसला रहा है। लेकिन आज के लाइफ स्टाइल में यह सहजता से स्वीकार किया जाने लगा है। एक निजी चैनल पर इस नाम से प्रसारित हो रहे धारावाहिक ने भी इस प्रथा को बल दिया है। खासकर विधवाओं के पुनर्विवाह की आवश्यकता इस समाज को अब महसूस होने लगी है। सोच बदलने लगे ...

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रविवार व्रत से सर्व मनोकामना पूर्ण होती है

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 सुख-समृद्धि और सर्वमनोकामना की पूर्ति के लिए किये जाने वाला रविवार के व्रत की महिमा अपरंपार है। इससे न केवल शत्रु पर विजय की प्राप्त होती है, बल्कि संतान प्राप्ति के भी योग बनते हैं। साथ ही यह व्रत नेत्र रोग और कुष्ठ रोग के निवारण के लिए भी किया जाता है। रविवार के दिन भगवान सूर्य की आराधना सूर्य ...

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क्यों और कैसे करें सोलह सोमवार

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 सोमवार सप्ताह की शुरुआत का दिन होता है। नई संकल्पनाओं, उद्देश्यों और संभावनाओं के साथ इस दिन की शुरुआत शांत मन से की जाती है। इसके लिए जरूरी है कि व्यक्ति का मन व्यथित नहीं रहे और मनः स्थिति पर नियंत्रण बना रहे। इसमें भगवान शिव के नाम उपवास रखने से दिन के स्वामी चंद्रमा की भी आराधना हो जाती ...

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नववधू के सोलह श्रृंगार

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 भारतीय समाज में विवाह को सामाजिक उत्सव से कहीं ज्यादा दो आत्माओं का मिलन माना जाता है। विवाह के मौके पर स्त्री के सजने-संवरने का संबंध उसकी वैवाहिक यात्रा की शुरुआत से है, तो सहयात्री के साथ सुखी, संतुष्ट और संतुलित जीवन की यात्रा में एक प्रेरक की भूमिका भी निभाता है। यह साज श्रृंगार के बगैर अधूरा माना जाता ...

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किस तरह से करें मंत्र जाप

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 मंत्र जाप में, शब्दों का उच्चारण शुद्ध होना चाहिये । जिन अक्षरों से शब्द बनते हैं, उनके उच्चारण स्थान पांच है जो पंचतत्व से संबंधित है। होठ– पृथ्वी तत्व 2. जीभ –  जल तत्व,   3. दांत-  अग्नि तत्व  4. तालू –   वायु तत्व   5. कंठ-  आकाश तत्व मंत्र जाप के प्रभाव से पंचतत्व से बनी यह मानव शरीर प्रभावित होता है। शरीर ...

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