इंडियन

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क्यों और कैसे करें तंत्र साधना ?

क्यों और कैसे करें तंत्र साधना है ?

तंत्र को सामान्य बोलचाल की भाषा में साधना का मार्ग भी कहा गया है। साधना अर्थात किसी कार्य को करने से पहले किया गया अध्ययन-चिंतन-मनन है। तंत्र साधना हमें सरल राह दिखाने में सहायक है तो कठिन और दुरूह मार्ग पर दौड़ लगाने के लिए तरीके भी बताता है। इसलिए इसे अभिष्टकारी मार्ग भी कहा गया है। इसमें ज्ञान, योग, भक्ति ...

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भारतीय नस्ल के गाय की 15 खूबियां, जो उन्हें माता का दर्जा प्रदान करती है

भारतीय नस्ल के गाय की 15 खूबियां, जो उन्हें माता का दर्जा प्रदान करती है

1. सृष्टि के निर्माण में, जो 32 मूल तत्व, घटक के रूप में है, वे सारे के सारे गाय के शरीर में विध्यमान है| अतः गाय की परिक्रमा करना अर्थात पूरी पृथ्वी की परिक्रमा करना है| गाय जो श्वास छोड़ती है, वह वायु एंटी-वाइरस है| गाय द्वारा छोड़ी गयी श्वास से सभी अदृश्य एवं हानिकारक बैक्टेरिया मर जाते है| गाय ...

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भारतीय नस्ल के 20 सर्वाधिक लोकप्रिय गोवंश

20 सर्वाधिक लोकप्रिय भारतीय नस्ल के गाय

भारत में गाय को देवी का दर्जा प्राप्त है। ऐसी मान्यता है कि गाय के शरीर में 33 करोड़ देवताओं का निवास है। गोवंश का यूं तो पूरी दुनिया में ही काफी महत्व है, लेकिन भारत के संदर्भ में बात की जाए तो प्राचीन काल से यह भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ रही है। चाहे वह  दूध का मामला हो ...

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आध्यात्मिक उन्नति का आधार है- गऊ सेवा

आध्यात्मिक उन्नति का आधार है- गऊ सेवा

 वेदों में गाय का महत्व अतुलनीय व श्रेष्ठतम है। गाय रुद्रों की माता, वसओं की पुत्री, अदिति पुत्रों की बहन तथा अमृत का खजाना है। अथर्ववेद के 21वें सूक्त को गौ सूक्त कहा जाता है। इस सूक्त के ऋषि ब्रह्मा तथा देवता गऊ है। गायें हमारी भौतिक व आध्यात्मिक उन्नति के प्रधान साधन है। मनुष्य को धन–बल–अन्न व यश पाने ...

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सनातन धर्म: पुनर्विवाह कोई दोष नहीं

सनातन धर्म: पुनर्विवाह कोई दोष नहीं

 पुनर्विवाह हमेशा से एक जरूरी लेकिन विवादास्पद मसला रहा है। लेकिन आज के लाइफ स्टाइल में यह सहजता से स्वीकार किया जाने लगा है। एक निजी चैनल पर इस नाम से प्रसारित हो रहे धारावाहिक ने भी इस प्रथा को बल दिया है। खासकर विधवाओं के पुनर्विवाह की आवश्यकता इस समाज को अब महसूस होने लगी है। सोच बदलने लगे ...

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भारतीय समाज : नववधू के सोलह श्रृंगार

भारतीय समाज : नववधू के सोलह श्रृंगार

 भारतीय समाज में विवाह को सामाजिक उत्सव से कहीं ज्यादा दो आत्माओं का मिलन माना जाता है। विवाह के मौके पर स्त्री के सजने-संवरने का संबंध उसकी वैवाहिक यात्रा की शुरुआत से है, तो सहयात्री के साथ सुखी, संतुष्ट और संतुलित जीवन की यात्रा में एक प्रेरक की भूमिका भी निभाता है। यह साज श्रृंगार के बगैर अधूरा माना जाता ...

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किस तरह से करें मंत्र जाप ?

किस तरह से करें मंत्र जाप

 मंत्र जाप में, शब्दों का उच्चारण शुद्ध होना चाहिये । जिन अक्षरों से शब्द बनते हैं, उनके उच्चारण स्थान पांच है जो पंचतत्व से संबंधित है। होठ– पृथ्वी तत्व 2. जीभ –  जल तत्व,   3. दांत-  अग्नि तत्व  4. तालू –   वायु तत्व   5. कंठ-  आकाश तत्व मंत्र जाप के प्रभाव से पंचतत्व से बनी यह मानव शरीर प्रभावित होता है। शरीर ...

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