Home » Trending Now » ललाट बतायें आपके भविष्य के राज

ललाट बतायें आपके भविष्य के राज

ललाट बतायें आपके भविष्य के राज  भौंहों के स्थान से लेकर सिर के केश तक तथा दाएं कनपटी से लेकर बाएं कनपटी तक के स्थान को ललाट कहते हैं। फेस रीडिंग की बात करें तो कहते हैं कि आपका ललाट यानी आपका माथा आपके भविष्य से जुड़ी कई चीजें बताता है। ललाट पर रेखाओं की स्थिति के अनुसार उन्हें क्रमश: शानि, गुरु, मंगल, बुध, चंद्र तथा सूर्य रेखा आदि के नाम से संबोधित किया है। आइए, जानें कैसे मस्तक वालों की क्या हैं खूबियां :

भविष्य पुराण कहता है कि अर्द्धचंद्र के समान मस्तक वाला व्यक्ति धनी, सुखी, ऐश्वर्यवान तथा अचल संपत्ति का स्वामी होता है।

ऊँचे व फैले हुए ललाट वाला व्यक्ति ऊँचा पद व प्रतिष्ठा प्राप्त करता है। चिकने ललाट वाला व्यक्ति धार्मिक प्रवृतिवाला होता है। जिसके ललाट पर त्रिशूल या भाले का चिन्ह हो वह स्वाभिमानी व उच्च पद पर प्रतिष्ठत होता है और उसे समाज मे यश-कीर्ति प्राप्त होता है।

नेत्रों के ऊपर ललाट की हड्डी उभरी हुई, बड़ी व उन्नत हो व फैली हुई हो तो ऐसे व्यक्ति को सुख- सम्मान तथा सौभाग्य प्राप्त होते है।

जिनका ललाट नीचा हो वे दरिद्र होते है। संतान सुख का अभाव रहता है। ऊँचा नीचा ललाट भी धनहीनता का लक्षण है। यदि नसें भी उभरी हों तो जातक अधर्मी होता है। यदि इन नसों से माथे पर स्वस्तिक चिन्ह बनता हो तथा ललाट उन्नत हो तो मनुष्य धनवान होता है। संकीर्ण ललाट वाले कंजूस होते हैं। नीचे ललाट वाले क्रूर व हिंसक होते है। बहुत ऊँचे ललाट वाले उच्च प्रशासनिक अधिकारी होते हैं।

जिनके ललाट में गड्डा होता है। वह दरिद्र, दु:खी व संघर्षमय जीवन जीते हैं। स्मृति (यादाश्त) में कमी पायी जाती है। जल्दी भूल जाते हैं।

चमकता हुआ  उभरा ललाट हो, और धनुष व त्रिशूल का चिन्ह यदि हो तो ऐसा व्यक्ति धनवान, यशस्वी, उच्च पद व प्रतिष्ठा वाले होते हैं। अच्छे चरित्रवान व दीर्घायु होते हैं।

यदि सूर्य रेखा समृद्ध हो तो ऐसे जातक अच्छे गणितज्ञ, यांत्रिक, सम्पादक, शासक या नेता हो सकते हैं। यह रेखा सीधी आंख की भौंह के ऊपर होती है।

यदि चंद्र रेखा उन्नत हो तो जातक कलाप्रेमी, विकसित बुद्धि, भावुक, संवेदनशील तथा आध्यात्मप्रिय होते हैं। यह रेखा बाएं नेत्र की भौंह के ऊपर होती है।

यदि मंगल रेखा समृद्ध हो तो ऐसे जातक साहसी, स्वाभिमानी, वीर, दूरदर्शी, विवेकी व रचनात्मक प्रवृत्ति का होता है।  यह रेखा गुरु रेखा के नीचे होती है।

यदि गुरु रेखा बड़ी व स्पष्ट हो तो जातक आत्मविश्वासी, साहसी, अध्ययनशील तथा महत्वकांक्षी होता है। यह रेखा मंगल रेखा से उपर होती है।

यदि शुक्र रेखा पुष्ट व उन्नत हो तो लोगो में स्फूर्ति, आशा, उत्साह, स्वछंदप्रियता, उच्च जीवनीशक्ति आदि गुण होते हैं। यह रेखा बुध रेखा से नीचे होती है।

यदि ललाट के मध्य में बुध रेखा शुभ गुणों से युक्त हो तो ऐसे व्यक्ति में तीव्र स्मरण शक्ति, मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण, बुद्धिमान एवं पारखी प्रकृति का होता है।

यदि शनि रेखा उन्नत हो तो ऐसे लोगो में एकांतप्रिय, रहस्यात्मकता, गंभीरता तथा अंहकार आदि गुण होते हैं। यह रेखा ललाट के सबसे ऊपर होती है।

Read Also

: हस्त रेखा शास्त्र : अंगुलियों के पौरों में छिपी होती है भविष्य सूचक घटनाएं 

: प्रात: बिस्तर छोड़ने से पहले अपने हाथों को देखें

: HOW TO USE THE FIVE ELEMENTS TO ATTRACT MONEY, GROWTH AND SUCCESS

Recommended Video

: 5 FAMOUS HINDU TEMPLES IN AMERICA

: 15 MOST POPULAR SPIRITUAL LEADERS IN THE WORLD