Home » ज्योतिष शास्त्र » हस्तरेखा शास्त्र » हाथ की रेखाओं से जानिये कितना संघर्ष है जीवन में ?

हाथ की रेखाओं से जानिये कितना संघर्ष है जीवन में ?

हाथ की रेखाओं से जानिये कितना संघर्ष है जीवन में ?नुष्य जीवन में हाथ की रेखाओं का बहुत महत्व है। आप माने या न माने हाथ की रेखाओं के कारण ही एक साधारण परिवार में भी पैदा हुआ व्यक्ति, उच्च पदाधिकारी, जज, मंत्री आदि बन सकता है । इन रेखाओं में छुपा है जीवन का ऐसा सत्य जिसे हर कोई जानना चाहता है। आइये हाथ की रेखाओं में छिपे कुछ महत्वपूर्ण रहस्य को समझें।

1.वैचारिक क्षमता  (ZONE OF THOUGHT)

वैचारिक क्षमता वाले क्षेत्र में बृहस्पति पर्वत, सूर्य पर्वत, शनि पर्वत व बुध पर्वत सहित, विवाह रेखा व हृदय रेखा यदि पूर्ण उन्नत व विकसित हो तो व्यक्ति अध्ययनशील, विन्रम, महत्वाकांक्षी, स्वाभिमानी व नैतिक मूल्यों को जीने वाला होता है। जीवन में यश कीर्ति मिलती है और व्यक्ति समृद्धिवान होता है। ऊँचे वर्ग के लोगों I,A,S, IPS. जज, मंत्री आदि से अच्छे संपर्क होते हैं। जीवन संघर्षमय होता है, परंतु यह संघर्ष ही अनुभवी बनाता है। प्रभु की कृपा मिलती रहती है। आर्थिक समृद्धि बनी रहती है परंतु यदि यह भाग उभरा हुआ न हो बिलकुल सपाट (FLAT) हो तो व्यक्ति साधारण स्तर का, बिना किसी इच्छा व महत्वाकांक्षा से जीता है।

2.कार्यक्षमता का क्षेत्र (ZONE OF ACTION)

यह कार्य कुशलता वाला क्षेत्र हृदय व मस्तिष्क रेखा के बीचो बीच होता है। एक अच्छे अनुपात में उठा क्षेत्र व्यक्ति को ऊँचे आदर्शों व महत्वाकांक्षों को पाने वाला इंसान बनाता है। सादा जीवन उच्च विचार यह जीवन का आदर्श होता है। हृदय रेखा के पास इस क्षेत्र में त्रिभुज हो तो व्यक्ति के पास आय के स्रोत बहुत होते हैं। हृदय रेखा से नीचे की ओर आती हुई छोटी लाइने भावनात्मक असंतुष्टि व निर्णय लेने में हिचकिचाहट होती है। सही समय पर फैसला न लेने से व्यक्ति स्वयं दु:खी होता है। हृदय व दिमाग के बीच संघर्ष चलता रहता है।

3.कल्पना लोक का क्षेत्र (ZONE OF MAGINATION)

यदि मस्तिष्क रेखा व जीवन रेखा के सामने वाले क्षेत्र उन्नत उभरा हुआ व लालिमा लिये हो तो व्यक्ति सौन्दर्य प्रिय, ऊँचे आदर्श, यात्रा का शौकीन तथा परिवर्तन को पसंद करने वाला होता है। यहां चंद्र पर्वत तथा केतु का प्रभाव दिखाई देता है। व्यक्ति काव्य प्रेमी, संगीत प्रिय, चित्रकार व सुंदरता का पुजारी होता है परंतु सपाट व सख्त हाथ उपरोक्त गुणों को कम भी कर देता है।

4.जीवन क्षेत्र (ZONE OF IMPULSE)

जीवन रेखा से इथेली तक का अंदर का भाग यदि उन्नत हो, गुलाबी रंग वाला हो तो व्यक्ति अपने मित्रों, भाई-बहनों के साथ सुख से रहता है। अंगूठे के पास उभरा क्षेत्र हो और वंहा यदि जाली भी हो तो व्यक्ति चरित्र के क्षेत्र में कमजोर होता है। कामवासना अपयश प्रदान करती है। यदि आड़ी तिरछी जाली वाली लाइने शनि पर्वत के नीचे भी हो तो व्यक्ति वैयागमी होता है। यदि जाली शुक्र पर्वत पर तथा शनि पर्वत पर भी दिखाई दें तो स्त्री चरित्रहीन होती है।

5.अंगूठे का क्षेत्र (ZONE OF THE THUMB)

अंगूठे का ऊपरी भाग इच्छा शक्ति का प्रतीक है। सपनों की दुनिया, उमंगे व कल्पनाओं का क्षेत्र है, जिसे प्रबल इच्छा शक्ति से पाया जा सकता है। अंगूठे का बीच का भाग तर्क शक्ति प्रधान है। यदि यह भाग बड़ा हो तो व्यक्ति तर्क-वितर्क से अपनी बात समझाता है। यदि सबसे नीचे वाला भाग बड़ा हो तो व्यक्ति प्रेम क्षेत्र में बढ़चढ़ कर भाग लेता है। प्रेम संबंधों को पसंद करता है। अंगूठा यदि पीछे मोड़ने पर लचीला हो तो व्यक्ति विनम्र, सहनशील होता है परंतु यदि अंगूठा सख्त हो तो व्यक्ति क्रोधी, जिंद्दी, विचारों पर स्थित रहने वाला, तर्क पूर्ण व्यवहार कुशल तथा बुद्धिमान होता है।

giay nam depgiay luoi namgiay nam cong sogiay cao got nugiay the thao nu